- 'ग्राम चिकित्सालय' सीजन 2 में आकांक्षा रंजन कपूर ने छोड़ी गहरी छाप, दर्शकों ने की जमकर तारीफ
- आमिर खान प्रोडक्शन ने मनाया 25 साल का जश्न। दंगल कुश्ती गुरु भी जश्न में हुए शामिल
- शीना चौहान ने बताया कैसे करती हैं इंटेंस रोल्स की तैयारी: "हर किरदार में अपना दिल और आत्मा झोंक देती हूं"
- How Sheena Chohan Prepares Emotionally for Intense Screen Roles: "I Give Every Character My Complete Heart and Soul"
- जबलपुर रॉयल लायंस ने लगातार तीन जीत के साथ एमपीएल टी20सीजन 3 में बनाई अपनी मजबूत पकड़
अंतर्विद्यालयीन सामूहिक भजन प्रतियोगिता में कृष्ण, राम और हनुमान के भजनों ने किया सभी को मंत्रमुग्ध
स्व. श्री मोरेश्वर वामन मोघे(दादा सा) की स्मृति में हुआ आयोजन, भजन प्रतियोगिता में लोकमान्य विद्या निकेतन ने हासिल किया पहला स्थान, भवंस प्रोमिनेन्ट स्कूल को मिला दूसरा स्थान
इंदौर। शहर में गांधीजी और विनोबाजी के अनुयायी और “दादा साहब” के नाम से लोकप्रिय श्री मोरेश्वर मोघे बाल निकेतन संघ के दूरदर्शी लोगों में से एक थे l एसे दादा साहेब की स्मृति में बाल निकेतन संघ परिवार द्वारा अंतर्विद्यालयीन सामूहिक भजन प्रतियोगिता का आयोजन 17 अक्टूबर को बाल निकेतन संघ पागनिसपागा में किया गया l इस भजन प्रतियोगिता में शहर के 15 विद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया और भजनों की प्रस्तुति दी l
इस प्रतियोगिता में :लोकमान्य विद्या निकेतन ने पहला स्थान, भवंस प्रोमिनेन्ट ने दूसरा एवं श्री वैष्णव बाल मंदिर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया l प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को चलत मंजूषा, ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्रदान किए गए और बाकी विजेता टीम को ट्रॉफी और सर्टिफिकेट दिए गए l कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ नीलिमा अदमने ने की एवं संगीत के जानकार सारंग लासोरकर जी , रोहन पटवर्धन जी एवं रचना शर्मा इस प्रतियोगिता के निर्णायक थे l

लोकमान्य विद्या निकेतन के बच्चों ने ‘हनुमान लला मेरे प्यारे लला’ भजन प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर प्रथम स्थान प्राप्त किया वही भवंस प्रोमिनेन्ट के बच्चों ने ‘सरस्वती शारदे’ भजन की शानदार प्रस्तुती दी और श्री वैष्णव बाल मंदिर के बच्चों ने ‘काहे तेरी अखियों में पानी’ भजन प्रस्तुत किया l

इस प्रतियोगिता के बारे में बाल निकेतन संघ की सचिव डॉ. नीलिमा अदमने ने बताया की –दादा साहब को भजन बहुत ही प्रिय थे ओर वे मानते थे की भजन के माध्यम से इश्वर से जुडा जा सकता है और इससे आत्मा को भी शांति मिलती है l इसलिए हम हर वर्ष दादा साहेब की स्मृति में भजन प्रतियोगिता आयोजित करते है l इसमें क्लास 6टी से लेकर 12 वी तक के विद्यार्थी ने भाग लिया l यहाँ आए सभी बच्चो ने बहुत ही अच्छा और अपना 100 प्रतिशत देकर भजन प्रस्तुत किए l आज जहा बच्चे पाश्चात्य संस्कृति की और आकर्षित हो रहे है वही इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें संस्कारों और इश्वर से जोड़ने का ये एक प्रयास है l
आगे उन्होंने कहा की – बाल निकेतन संघ न केवल अपने छात्रों की शिक्षा और भलाई के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि बच्चों, महिलाओं और आदिवासियों के सामाजिक उत्थान में शामिल संगठन भी है। हमारा मिशन समग्र शिक्षा के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। हमारा मानना है कि प्रत्येक छात्र अद्वितीय है और हमारा लक्ष्य अपने छात्रों को उनकी सीखने की क्षमता तक पहुंचने में मदद करना है।


